दर्प से अकड़े हुए चेहरे

दर्प से अकड़े हुए चेहरे,
थक तो जाते होंगे,
लगता है भय पास जाने से,
अकड़ सकती है और,अकड़ी हुई गर्दन,
उचित कुछ दूरियां,सद्भावना वश,
जी रहे अहम् में,कुछ बहम में,
घाव भीतर सीं रहे,चुप्पियों के,
मिलन से अधिक,जीवन को प्राथमिकता,
गर्दन टूट सकती है अधिक अकड़ने से,
और फिर मृत्यु !!
नहीं-नहीं दूरी उचित है,
ऐसे व्यक्तित्व,
दया और क्षमा के पात्र ही तो हैं,
जाओ क्षमा करते हैं,
तुम्हारे जीवन की रक्षा आवश्यक है...
क्षमा-क्षमा-क्षमा...
गर्दन सीधी करलो .....
#उर्मिलामाधव...

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