आँखें बड़ी बड़ी कर प्यारे

आंखें बड़ी-बड़ी कर प्यारे आजा दुनियांदारी देख,
बहुत-बहुत मीठे लफ़्ज़ों में छुपी हुई हुशियारी देख,

बहुत हुलस कर लिपटने वाले क्या-क्या रखते हैं दिल में,
दांत दिखा कर मिलने वालों की तू कारगुज़ारी देख,

जीते हैं बस अपनी ख़ातिर,इनको ग़रज़ किसीकी कब,
खुल कर हंसने वालों की बस छुपी हुई मक्कारी देख,

इनके दिल में किसी का दर्जा, समझोगे तो ख़ाक नहीं,
जिन यारों से इन्हें मुहब्बत,उनसे आपस दारी देख,

ये कब दोस्त हुए हैं किसके,वक़्त पड़ा तो आन मिले,
आस्तीन में होगा खंजर संम्भल ज़रा ग़द्दारी देख...

ऐसा नहीं है इस दुनियां में नफ़रत ही है, प्यार नहीं,
ऐसे भी हैं लोग यहां पर, इनकी सबसे यारी देख...
उर्मिला माधव

Comments

Popular posts from this blog

गरां दिल पे गुज़रा है गुज़रा ज़माना

kab chal paoge