गुज़र गई है जी
चूँकि हद से गुज़र गई है जी,
आज सबको खबर गई है जी,
मैंने दिल से उतार फेंका था,
आज उसपै नज़र गई है जी,
तेरी यादों में थी खुमारी जो,
उम्र भर को उतर गई है जी,
जो अना अब भी दिल पै तारी है,
वो कभी तेरे घर गई है जी,
मैंने यूँ ही ज़रा सा छेड़ा था,
बात खुल के बिखर गई है जी....
उर्मिला माधव...
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