तन्हा ही चला करते हैं

हम बहुत देर तक तन्हा ही चला करते हैं,
उस प उस वक़्त ही तारे भी ढला करते हैं,

अपनी दुनिया में मुख़ालिफ़ हैं बहुत दूर तलक,
उस पे हर हाल में इस दिल को ख़ला करते हैं,
हमने इस आग को नज़रों से बहुत देखा है,
जाने वो कौन हैं जो ग़म से टला करते हैं,
उर्मिला माधव

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