नईं ऐं

कोई अपना, भैये नईं ऐं,
अपने पास रुपइये नईं ऐं,

कैसी दुनियादारी भइया,
जो गाड़ी में पहिये नईं ऎं,

धोका धड़ी से बढ़िया ये है,
प्यार नहीं,तौ कहिये,नईं ऎं,

अपनी भी तौ अना है आख़िर,
तुमसे कुछ भी, चहिये नईं ऎं,
उर्मिला माधव..
19.11.2016

Comments

Popular posts from this blog

गरां दिल पे गुज़रा है गुज़रा ज़माना

kab chal paoge