लौट कर आना कभी
जाने वाले लौट कर आना कभी,
वो मुहब्बत फिर से दिखलाना कभी।
मुझको ये दुनिया नहीं भाती है अब,
अच्छी है ये तू ही समझाना कभी।
बस तकल्लुफ़ के लिए मिलती हूँ मैं,
जोड़ना किससे है कह जाना कभी।
दिन गुज़र जाए है तुझ को सोच कर,
कुछ न कहना चुप ही रह जाना कभी।
लौट तो जाता है, पर आता तो है,
साथ कब चलना है बतलाना कभी।
उर्मिला माधव
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