बड़े हैं तो
आप उहदे में कुछ बड़े हैं तो ?
ख़ास मंज़िल पै ही खड़े हैं तो?
गोया तकदीर के सिकंदर हों,
पर भी सुरख़ाब के जड़े हैं तो ?
हम न माने हैं,और न मानेंगे,
अब अगर जिद पै ही अड़े हैं तो ?
कैसे-कैसे गुनाहगारों से,
उम्र भर हम भी जब लड़े हैं तो ?
उर्मिला माधव
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