दिल दुखाया करो

हम तो कहते हैं दिल दुखाया करो 
दो क़दम चल के रोज़ आया करो 

तुम में जो कुछ भी है कलाकारी
ख़ूब बढ़चढ़ के तुम जताया करो

वरना फिर लोग कैसे समझें इसे,
अय मियां हौसला दिखाया करो,

यूं भी तूफान कुछ उठा ही नहीं,
मुँह भला किस लिए छुपाया करो,

तुम मुसलसल जवाब देते रहो
ज़िंदगी इस तरह न ज़ाया करो
उर्मिला माधव 

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