कितने ज़ख़्मों के नक्श बाक़ी हैं

कितने ज़ख़्मों के नक़्श बाकी हैं,
किस तरह दिल कहीं दिखाएंगे??

बख़्श दो हमको ये गुज़ारिश है,
और अब कितनी चोट खाएँगे??

दर्द होता है जब हवाओं से 
कैसे तूफाँ से बचके आएँगे??

ये जो रूठी है आरज़ू हमसे
कैसे अब इसको हम मनाएँगे..???
उर्मिला माधव

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