फ्री वर्स

मैं सोचती हूँ,तुम सोचते हो,सब सोचते हैं,
पर क्या सोचते हैं ?
अभी तक तो सोचा नहीं देखते हैं,
चलो और आगे तलक सोचते हैं,
जब सोचना ही है तो सिर्फ सोचेंगे,
करेंगे कुछ नहीं,सिर्फ सोचेंगे,
तुम मेरे लिए सोचना और मैं कुछ और,
कुछ और सोचने में जाता भी क्या है?
न तो कुछ जाता है,और न ही कुछ आता है,
सिर्फ एक फायदा है,विचारशील दिखने का,
सिर्फ विचार शीलता,विचार नहीं,
विचार तो जताने होंगे,बताने होंगे,
रास्ता क्यूँ भटकना,हाथ पाँव क्यूँ पटकना?
तैय्यारी से बैठना और विचार करना,
सबसे अलग मुद्रा,सबसे अलग भाव भंगिमा,
विचार शील मुद्रा,सोचते-सोचते थक जाना है,
बिस्तर पर औंधे गिर जाना है,
विचार अपना काम करेंगे,
और मैं अपना,जैसे एक सपना,
सोचने का क्रम जो निभाना है,
सोचते ही जाना है,सोचते ही जाना है....
सोचते ही सोचते मर जाना है,
सोच दूसरों को देकर जाना है...
उर्मिला माधव...
13.5.2014...

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