उम्र बढ़ती है
एक-एक दिन में उम्र बढ़ती है,
ज़िन्दगी कितने सबक पढ़ती है,
कौन जाना है इस करिश्मे को?
क्यूँ ये बनती है,क्यूँ बिगड़ती है
क्या अजब ख़ूबियाँ हैं क़ुदरत की?
शाम ढलती है,सुबह चढ़ती है?
जिस्म फ़ानी है और जहाँ फ़ानी,
क्यूँ नई शक़्ल रोज़ गढ़ती है??...
@highlight
#Urmilamadhav
उर्मिला माधव
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