दिग्भ्रमित मानव जगत में

दिग्भ्रमित मानव जगत में,
सत्य है सम्पूर्ण अविदित,
झूठ केवल उच्चरित है,

आस्था के पांव टूटे,
प्रेम के सब भाव रूठे,

आवरण खोले न जाएं
शब्द कटु बोले न जाएं

जब हृदय ही हो अबोला
भाव भी तोले न जाएं...
उर्मिला माधव

Comments

Popular posts from this blog

गरां दिल पे गुज़रा है गुज़रा ज़माना

kab chal paoge