चांद गोरा लग रहा है
मेरी दोस्त के लिए.... :)
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बदलियों में चाँद गोरा लग रहा है,
कोई अन्ग्रेजन का छोरा लग रहा है,
चल सखी चंदा उतारें आसमाँ से,
ठीक है पर जायेंगे बोलो कहाँ से ?
बाग़ में झूला लगायेंगे शजर पर ,
बैठ कर दोनों उड़ेंगे साथ उस पर,
जो ज़रा सी पींग भर लेंगे हवा में,
झट्ट से पहुंचेंगे दोनों आसमाँ में,
एक सिरा थोडा ज़रा सा थाम लेना,
मेरी खातिर काम को अंजाम देना ,
उर्मिला माधव..
4.4.2014...
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