हमको क्या क्या नहीं मुहैया है

हमको क्या क्या नहीं मुहैया है,
फिर भी तुमको ख़ुदा बना डाला,
तुमको देखा मगर बहकते हुए,
तुमने सबको गदा बना डाला..
अपनी इज़्ज़त गिराई महफ़िल में 
दिल को ग़म की सदा बना डाला..
उर्मिला माधव 
गदा....,भिखारी
मुहैया...उपलब्ध

Comments

Popular posts from this blog

गरां दिल पे गुज़रा है गुज़रा ज़माना

kab chal paoge