भला उसको क्या कहेंगे

भला उस को क्या कहेंगे, जो तिश्नगी न समझे,
ये जुनून-ए-इश्क आखिर,गया रायगां हमारा,

उसे कमसिनी में देखा, कभी भूल ही न पाए,
रहे इश्क में झुलसता रहा आशियां हमारा
उर्मिला माधव

Comments

Popular posts from this blog

गरां दिल पे गुज़रा है गुज़रा ज़माना

kab chal paoge