बदलते रहते हैं
दुनिया के हालात बदलते रहते हैं,
दुनिया वाले बात बदलते रहते हैं,
बेचैनी में कोई कहां कब सोता है,
सब करवट दिन रात बदलते रहते हैं,
कोई फ़ैसला कहीं नहीं ले पाता है,
अब सबके जज़्बात बदलते रहते हैं,
कोई भरोसा नहीं रहा अब मौसम का
जब तब ये बरसात बदलते रहते हैं,
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