दिल को भाया तू
दिल को भाया तू जो मेरे तुझमें देखा डूब कर,
इतनी कालक थी वहां पर,लौट आये,ऊब कर,
तेरी दुनियां तेरे हाथों सौंप कर हम चल दिए,
और तुझसे कह दिया जो जी में आये ख़ूब कर....
पीठ करदी तेरी जानिब,ज़ख्म आगे कर लिए,
दिल को समझाया अना का रास्ता मंसूब कर,
पहले भी तू बेवफ़ा था,आज भी वो शक़्ल है,
ये तेरे दिल का शगल है,नित नया महबूब कर,
ज़िंदगानी उम्र भर जद्दोजेहद का नाम है,
साहिबे ईमान हो जा,प्यार को उस्लूब कर...
उर्मिला माधव
2.3.2016
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