आँखें कमाल करती हैं

उनकी आँखें कमाल करती हैं,
दिल में कैसा वबाल करती हैं,

पूरी दुनिया नशे में लगती है,
इस क़दर वो निढाल करती हैं 

कोई सूरत कहां है बचने की,
ज़ख्म गर बाल बाल करती हैं 

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