कुछ सितारे

कुछ सितारे टांक दूं क्या आसमां, मैं?
या कहीं चस्पां करूँ हुस्न-ए-जवां, मैं ?

गर कोई ख़ुशबू सुंघाई दे कहीं तो,
प्यार की दुनिया लुटा दूं अय जहां, मैं ?

खूबरू हैं सैकड़ों चेहरे ज़मीं पर,
सोचती हूँ,वो कहाँ हैं और कहाँ मैं ?

हौसले परवाज़ के दिल में बहुत से,
दिल नहीं करता करूँ हरगिज़ अयां मैं,

मुन्तज़िर खामोशियाँ कहने लगीं अब,
वक़्त आने पर करूँ सब कुछ बयां मैं....
#उर्मिलामाधव...

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