आपके कहने पे गर हम जाएंगे

आपके कहने पे हम गर जाएंगे,
सोचते ही सोचते मर जाएंगे,

दो क़दम आगे बढ़ा कर देख लें,
आपकी याद आएगी, डर जाएंगे,

हम मगर उन में से आख़िर हैं कहां,
चाहे जो गुज़रा करे पर जाएंगे,

हम किसी से राबिता रखते नहीं,
हां मगर हम चोर के घर जाएंगे,
उर्मिला माधव

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