शामिल नहीं

मैं किसी भी जंग में शामिल नहीं,
और किसी भी ख़्वाब पै माइल नहीं,

जिसको हसरत है वो रख्खे ताज-ओ-तख़्त,
ख़्वाहिशों की मैं कभी काइल नहीं,
उर्मिला माधव 

Comments

Popular posts from this blog

गरां दिल पे गुज़रा है गुज़रा ज़माना

kab chal paoge