प्यार का जाम पियो

प्यार का जाम पियो,गर वो पिला दे कोई,
इतना एहसास रहे ग़म न बढ़ा दे कोई...

ख़ुद पस-ए-पर्दा रहो, धूल बहुत उड़ती है,
अपनी ठोकर से कहीं ख़ाक उड़ा दे कोई,

सांस तरतीब से आ जाये के इतना तो रहे,
दर्द क्या कम है के कुछ और हवा दे कोई,
उर्मिला माधव..

Comments

Popular posts from this blog

गरां दिल पे गुज़रा है गुज़रा ज़माना

kab chal paoge