कमज़र्फों की भीड़

कमज़र्फ़ों की भीड़ में ज़ाहिर होता है,
कोई कितनी हद तक शातिर होता है,

कहाँ मुनहसिर हो सकते हैं दुनियां में,
यही समझने वाला माहिर होता है,
उर्मिला माधव

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