ये हकीक़त है आलिम नहीं हूँ मगर,
तीन शेर----
ये हकीक़त है आलिम नहीं हूँ मगर,
बढ़ के पीछे हटूं........ये ज़रूरी नहीं,
आप अपनी कहें,और मैं अपनी कहूं,
ज़ावियों से कटूं.........ये ज़रूरी नहीं,
हो ये मुमकिन कि सानी नहो आपका!!
फिर भी मैं जा सटूं......ये ज़रूरी नहीं,
उर्मिला माधव...
26.2.2014...
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