वक़्त आता है

वक़्त आता है गुज़र जाताहै,
वो जो गुज़रा है किधर जाता है ?

भूल पाने की लियाक़त ही कहाँ,
दिल के कोने में ठहर जाता है,

क्या कहें आँख में रुकता ही नहीं,
ख्वाब रह-रहके बिखर जाता है,
उर्मिला माधव ...
12.2.2016

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