ख़्वाब तो हो

सबसे पहले दिल में कोई ख़ाब तो हो,  
उसके भी पाने को दिल बेताब तो हो,

अव्वल तो ये दुनियां मुश्किल लगती है,
और ज़ुबाँ पर अपनी फिर आदाब तो हो,

पिछली बातें इतनी चुभती रहती हैं,
उनको गारत करने को सैलाब तो हो,

देखके जिसको सर सजदे में झुक जाए,
इस दुनियां में ऐसा कुछ नायाब तो हो,

चाल ख़ता हो जाए, फिर हम उठ जाएं,
जिस्म हमारा इतना सेहत् याब तो हो..
उर्मिला माधव

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