मेरे हिस्से के अश्क तुम पी लो

मेरे हिस्से के अश्क़ तुम पी लो,
और ये ज़िन्दगी भी तुम जी लो....

लोग जब तबसरा करें तुम पर,
उससे पहले ही होठ तुम सीं लो  

मुझको तमगा मिला रक़ाबत का,
ये भी इलज़ाम सर पे तुम.ही लो,

रब ने ये सादगी जो बख्शी.है,
लो चलो ऐसे ज़ख्म तुम भी लो,
उर्मिला माधव....
12.1.2017...

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