हैरान कर दिया

तुमने हमें अचानक अनजान कर दिया,
समझो हमारे ग़म का सामान कर दिया..

ऐसा भी तुम करोगे उम्मीद ही नहीं थी,
बेजा क़दम उठा कर हैरान कर दिया,

जो तुमने कर दिया है तुमको रहे मुबारक,
बस यक़बयक़ हमें ही मेहमान कर दिया..

हम उनसे  कुछ खफ़ा थे समझे नहीं वो हमको 
हद है ज़रा सी बात का तूफ़ान कर दिया
उर्मिला माधव 

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