हम भी करके देखते हैं
फिर से हिफ़्ज़े आबरू अब हम भी करके देखते हैं,
ख़ुद के ही खूं से वज़ू अब हम भी करके देखते हैं,
आदमी का क़द गिरा तो कितना छोटा हो गया,
फ़िर से इसको ख़ूबरु अब हम भी करके देखते हैं,
सोचते हैं अपने दिल का ढूंढ लें कोई बदल,
इक ज़रा सी जुस्तजू अब हम भी करके देखते हैं,
लोग कहते हैं यहां पर इश्क़ करना है सवाब,
दिल बुरीदह सुर्ख़रू अब हम भी करके देखते हैं,
उर्मिला माधव
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