हम बड़ी मुश्किल से

हम बड़ी मुश्किल से इस क़ाबिल हुए हैं,
अब कहीं जाकर बहुत मुश्किल हुए हैं,

क़द्र करते करते ही बदहाल थे हम,
इस जहां में बेसबब बिस्मिल हुए हैं

ग़म जहाँ भर के हुए यकजा तभी से,
क्या करें ज़ाहिर के अब बेदिल हुए हैं,
उर्मिला माधव
29.11.2018

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