दिल पर निशान देखा है
हमने दिल पर निशान देखा है,
उसने बस आसमान देखा है,
जब कभी बाम पर कहीं पहुंचे,
पहले बस पायदान देखा है,
हर मकीं छोड़ कर चला जाये,
इतना ख़ाली मकान देखा है.....
उंसियत कोई भी नहीं रखता,
हमने सारा जहान देखा है...
अपने गुंचों से दुश्मनी रख्खे
ऐसा भी बाग़बान देखा है...
पहले खुर्शीद की जलन देखी,
तब कहीं सायबान देखा है...
उर्मिला माधव..
Comments
Post a Comment