काम चलाया जा सकता है
रस्ते का भी साथ निभाया जा सकता है,
पांव से चलके घर तक जाया जा सकता है,
वीरानी को अपना हर ग़म याद दिलाओ,
ख़ामोशी के संग चिल्लाया जा सकता है,
वक़्त वक़्त पर कभी कहीं भी जा सकते हैं,
बिन बोले अहसान चुकाया जा सकता है,
अश्क़ पोंछ कर रोने वाले को चुप कर दो,
किसी तरह भी प्यार जताया जा सकता है,
कोई मुहब्बत करता हो या ना करता हो,
झूट बोल कर काम चलाया जा सकता है,
जिस्म टूट कर गिरने तक चलते ही रहना,
फिर दुनिया में नाम कमाया जा सकता है,
उर्मिला माधव
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