बेज़ार किए रहता है

हमारी बात को बाज़ार किए रहता है,
सारे जज़्बात ही बेकार किए रहता है,

असीर ए ज़ब्त हैं अब और क्या बताएंगे,
ज़ख़्म ए हालात ही बेज़ार किए रहता है,
उर्मिला माधव 

Comments

Popular posts from this blog

गरां दिल पे गुज़रा है गुज़रा ज़माना

kab chal paoge