दोगली दुनिया
ये दुनियां,दोगली दुनियां,
ये दुनियां खोखली दुनियां,
झुका ले सर अगर दम है,
ये दुनियां,ओखली दुनियां...
न पहचाना मगर सर पर,
ये दुनियां ठोक ली दुनियां,
मुसव्विर ने भी पछता कर,
ये दुनियां भोग ली दुनियां,
मगर कुछ ख़ास लोगों ने,
ये दुनियां सोख ली दुनियां,
ब-मुश्किल अपने हाथों पर
ये दुनियां रोक ली दुनियां,
#उर्मिलामाधव
24.10.2015
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