बांटा जाएगा

चश्मे गिरया कैसे बांटा जाएगा,
वक़्त ही है मिल के काटा जाएगा,
बंद मिज़गाँ हम रखेंगे हां मगर,
आंख से हरगिज़ न कांटा जाएगा...
उर्मिला माधव

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