नज़्म दिल के कोने

दिल के कुछ कोने ऐसे हैं,
जो बहुत...सलोने जैसे हैं,
कुछ यादें बिलकुल ऐसी हैं,
अब क्या बतलाऊं कैसी हैं,
वो दामन बहुत सजीला था,
मेरे अश्कों से.....गीला था,
जो रूठ अगर वो गए कभी,
लगते उदास तब फूल सभी,
सब तार मिलन के टूट गए,
अब जीवन भर को रूठ गए,
उर्मिला माधव...
१३.3.२०१४ ...

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