इतनी सारी आग कहां से लाते हो?

इतनी सारी आग कहाँ से लाते हो,
बात-बात पे बेजा ही बल खाते हो

कितनी सारी भीड़ भरी है दुनिया में,
बे-मतलब तुम तनहा ही चिल्लाते हो,

जो दुनिया ने किया, वहीं तुम आ पहुंचे,
यार ग़ज़ब हो, अपना-अपना गाते हो 🤔

दुनिया भर का प्यार तुम्हीं को बख़्शा है,
लौट-लौट कर तुम आंखें दिखलाते हो,
उर्मिला माधव

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