दिल को मिला सुकून मगर सब से छूट कर,
चाहा उसे हयात भर, जब दिल से टूट कर,

जो दोस्त था मेरा वो कहीं मिल नहीं रहा,
ना जाने किस तरफ़ को गया चैन लूट कर

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