बक बक करते रहते हैं

क्या जाने क्या बक बक करते रहते हैं,
मर जाने की हद तक करते रहते हैं..

लानत भिजवाना भी ज़िम्मेदारी है,
जो कुछ भी है, अनथक करते रहते हैं..

इनको इतना वक़्त कहां से मिलता है,
जिस्म से ले के मन तक करते रहते हैं..
उर्मिला माधव

Comments

Popular posts from this blog

गरां दिल पे गुज़रा है गुज़रा ज़माना

kab chal paoge