चिंगारी होती है
क्या बतलाएं दुनियादारी कितनी भारी होती है,
चाहे जितनी ख़ाक पड़ी हो पर चिंगारी होती है,
तुम्हें कहां मालूम रहेगा, दीवारें भी हिलती हैं
हंसती आंखों ने भी रोकर रात गुज़ारी होती है,
अपना इक किरदार बनाया हमने अपनी आदत से
रहते हैं ख़ामोश सभी जब बात हमारी होती है
उर्मिला माधव
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