घबरा गए
एक ज़रा सी ...चोट से घबरा गए?
हमको देखो हम कहाँ तक आगए ,
चांदनी हर बाम पै छिटकी रही,
हम ही कसदन तीरगी में आगये,
जुम्मा-जुम्मा आठ दिन के हो मियाँ,
पथ्थरों से किसलिए टकरा गए !!!!
देख लो मुड़ने से पहले चार सू,
फिर नहीं कहना के तुम चकरा गए,
दौड़ते रहते हो बस दीवाना वार
वो झटक के ज़ुल्फ़ क्या बिखरा गए
उर्मिला माधव
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