बनारस की गलियां
मौसिक़ी की शान, बनारस की गलियां,
उल्फ़त का उन्वान, बनारस की गलियां,
जो भी आता यहीं का होके रह जाता,
हर दिल का ज़िन्दान, बनारस की गलियां,
बिस्मिल्लह जी आप हमें क्यूं छोड़ गए,
कर डालीं वीरान बनारस की गलियां,
मणिकर्णिका घाट हक़ीक़त कहता है,
करती हैं कल्यान बनारस की गलियां,
जल्वे काशी विश्वनाथ के ज़ाहिर हैं,
शिव का हैं वरदान बनारस की गलियां,
कोई नज़ारा कहाँ बचा इन गलियों से,
पूरा हिंदुस्तान बनारस की गलियां
उर्मिला माधव
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