अच्छी किस्मत

कैसी अच्छी किस्मत थी,
चलता फिरता ख़त्म हुआ,

वो भी रब की चौखट पे,
गिरता-गिरता ख़त्म हुआ,
उर्मिला माधव

Comments

Popular posts from this blog

गरां दिल पे गुज़रा है गुज़रा ज़माना

kab chal paoge