हम सितारों तक पहुंच भी जाएंगे

हम सितारों तक पहुँच भी जायेंगे तो क्या करेंगे,
अपनी खातिर कौनसा फिर रास्ता हम वा करेंगे,

उसके आगे ख्वाहिशें ही सिर्फ उड़ कर जा सकेंगी,
ग़र ज़ियादः बढ़ गईं तो ,उससे भी तौबा करेंगे,

ज़िन्दगी की आपा-धापी और अलहदा सा चलन,
इससे तो बेहतर है"अपने आप" को सजदा करेंगे,

कौन इस दुनिया में कुछ भी दे सका है ये बताओ,
दिल को सब पामाल करके बस मज़ा लूटा करेंगे,

जिसको देखो खुद को ही यकता समझता है यहाँ,
जो समझता है वो समझे हम समझ कर क्या करेंगे...
उर्मिला माधव...
6.9.2017

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