kuchh nahin hoga


फ़िक़्र करने से कुछ नहीं होगा,
आह भरने से कुछ नहीं होगा,

दिल में इक इन्कलाब है तो है,
मुफ़्त डरने से कुछ नहीं होगा,

राह भी इन्तिख़ाब करके चल,
बात करने से कुछ नहीं होगा,

इक सहर खुशनुमा मुकाबिल है,
यूँ सिहरने से कुछ नहीं होगा,

मुस्कुरा, ये भी मन दुरुस्ती है,
जीने मरने से कुछ नहीं होगा,

हादिसे आदतों में शामिल कर,
यूँ बिखरने से कुछ नहीं होगा....
उर्मिला माधव...
9.10.2014...

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