संवारा जाएगा

आख़िरश इस जिस्म को कितना सँवारा जाएगा
और कहाँ तक इसको शीशे में उतारा जाएगा

इसकी हस्ती कुछ नहीं बस इन्तिहाई ख़ाक है,
एक दिन काँधों पै रख कर ये ख़ुदारा'जाएगा'

है अगर अहले नज़र,नज़रें झुकाके जलवा देख,
ला-मकाँ से इस तरह सबको पुकारा जाएगा...

--------उर्मिला माधव---------------------
13.8.2013

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