बनाई दुनिया

जि चों अचानक बदल रही है अबई तौ तुमने बनाई दुनिया,
जिही अनहोंतौ है रंग जाकौ तौ हमकूँ चों जे दिखाई दुनिया,


अगर जबर की ही यों चलेगी तौ तुमनें कैसें नचाई दुनिया

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