सोते नहीं हो क्यों?
क्यों जागते हो रात भर, सोते नहीं हो क्यों,
हम सोचते थे साथ तुम होते नहीं हो क्यों,
उजलत में ज़िंदगी है मगर पांव थक गए,
ग़म पूछते हैं यार तुम रोते नहीं हो क्यों,
आंखों ने बन्द कर दिए, ख़ाबों के रास्ते,
जो हसरतों के दाग़ थे, धोते नहीं हो क्यों,
उर्मिला माधव
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