महदूद कर लिए

अब हमने दिल के दायरे महदूद कर लिए, 
रंज-ओ-अलम ही मंज़िल-ए-मक़सूद कर लिए 

रुसवाइयों के ज़िक्र पे जो कुछ भी होगया,
वो ग़म अना के नाम पर ,महमूद कर लिए,

ख्वाहिश तरह-तरह की,हज़ारों तरह के ख़्वाब,
ज़िन्दान-ए-ज़ीस्त हो गये,मसदूद कर लिए,

होता नहीं यकीं तो ज़ियारत भी क्या करें,
अपने ही दिल के रास्ते,मसजूद कर लिए,
उर्मिला माधव...
30.7.2016

ज़ियारत---- तीर्थाटन 
महमूद---प्रशंसा 
मस्जूद---पूज्य 
मसदूद--- क्लोज्ड, रोका हुआ 
मसऊद---प्रसन्न,पवित्र 
मक़सूद--- उद्देश्य,इच्छित

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