अच्छा है
खुद ही खुद में दिल बहलाना अच्छा है,
कभी-कभी का चुप रह जाना अच्छा है,
हद से ज़्यादः बात गुज़रना ठीक नहीं,
कभी-कभी अहसान जताना अच्छा है,
बहुत शराफ़त,इल्ज़ामों की बाइस है,
कभी-कभी तूफ़ान उठाना अच्छा है,
खुली रहें आँखें और चौकन्ने खूब,
कभी-कभी कुछ राज़ छुपाना अच्छा है,
आसमान में उड़ना अच्छी बात सही,
कभी-कभीकोई ख़ास ठिकाना अच्छा है,
जिस्म सजाया जाता देखो रोज़ बहुत,
कभी-कभी कोई लहद सजाना अच्छा है,
नहीं अगर पहचान हमें सच यारी की,
कभी-कभी दुश्मन बन जाना अच्छा है...
#उर्मिलामाधव
28.7.2015
Comments
Post a Comment